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नौ महीने गरà¥à¤ में बिताने के बाद शिशॠइस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आता है। जनà¥â€à¤® के बाद इस नई दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥â€à¤Ÿ करते हà¥à¤ आपको ननà¥â€à¤¹à¥‡ शिशॠके शरीर में कà¥à¤› बदलाव दिखने लगेंगे। जहां पहले शिशॠको गरà¥à¤ में रहने की आदत थी, वहीं अब उसे बाहरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पसंद आने लगी है।
जनà¥â€à¤® के बाद पहले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शिशॠसिरà¥à¤« दूध पीता है, रोता है, सोता है और पेशाब करता है लेकिन जैसे-जैसे बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¤• महीना का होता है, तो आप देखेंगे कि उसके हाथ मà¥à¤‚ह को छूने लगे हैं। इसके अलावा बचà¥â€à¤šà¥‡ के विकास के और à¤à¥€ कई संकेत मिलने लगते हैं।
​फिजीकल डेवलपमेंट
à¤à¤• महीने का शिशॠअपने हाथों को आंखों और मà¥à¤‚ह के नजदीक लाने लगता है। वो पेट के बल लेटने पर अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को घà¥à¤®à¤¾ सकता है। सपोरà¥à¤Ÿ न मिलने पर बचà¥â€à¤šà¤¾ पीछे की ओर अपना सिर उठा सकता है। à¤à¤• महीने का शिशॠमà¥à¤Ÿà¥à¤ ी बंद कर सकता है। बचà¥â€à¤šà¥‡ की रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥â€à¤¸ मूवमेंट शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
​छूने और सूंघने की शकà¥â€à¤¤à¤¿
इतना बड़ा शिशॠमां के दूध की खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ को पहचान सकता है। उसे नरम और खà¥à¤°à¤¦à¤°à¥€ चीजों की पहचान होने लगती है। शिशॠको नरम और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® चीजें पसंद आती हैं। बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• और खटà¥à¤Ÿà¥€ खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ नापसंद होती है। शिशॠको मीठी खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ पसंद आती है।
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​सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और देखने की शकà¥â€à¤¤à¤¿
à¤à¤• महीने के शिशॠकी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में आपको कà¥à¤› बदलाव दिखने शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं, जैसे कि :
जिस तरफ से आवाज आ रही है, बचà¥â€à¤šà¤¾ उस तरफ अपना सिर घà¥à¤®à¤¾ लेता है।
अपने पेरेंटà¥à¤¸ की आवाज काे पहचानने लगता है।
आपके ताली बजाने पर बचà¥â€à¤šà¤¾ पलकें à¤à¤ªà¤•ाने लगता है।
गानों और कविताओं पर अलग-अलग रिà¤à¤•à¥â€à¤Ÿ करता है।
उसे काले और सफेद रंग के बीच फरà¥à¤• पता चलता है।
शिशॠ12 मीटर की दूरी पर रखी चीजों पर फोकस कर सकता है।
​कब करें चिंता
अगर à¤à¤• महीने का शिशॠअपनी उमà¥à¤° के हिसाब से निमà¥â€à¤¨ कारà¥à¤¯ नहीं कर पा रहा है, तो आपको उसे डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के समय सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को ठीक तरह से न चूस पाना
निचले जबड़े का लगातार कांपना।
अलग-अलग आवाजों पर कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न देना।
तेज रोशनी पर à¤à¥€ कà¥à¤› रिसà¥â€à¤ªà¥‰à¤¨à¥â€à¤¸ न करना
हाथ-पैरों का ढीला पड़ना।
नजदीक की चीजों को न देख पाना।
​पेरेंटà¥à¤¸ कैसे करें मदद
शिशॠको पारà¥à¤•, मà¥â€à¤¯à¥‚जियम और रंग-बिरंगी जगहों पर लेकर जाà¤à¤‚। उसे अलग-अलग चीजें दिखà¤à¤‚। बचà¥â€à¤šà¥‡ को अलग-अलग तरह की आवाजें सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। इसमें आप कारà¥à¤Ÿà¥‚न कैरेकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की à¤à¥€ मदद ले सकते हैं।
आप समà¤à¥‡à¤‚ कि शिशॠकब थकान महसूस कर रहा है और उसे कब आराम करने की जरूरत है।
à¤à¥‚ख लगने, नींद आने और चिड़चिड़ा होने पर शिशॠकिस तरह के संकेत देता है, इनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सतरà¥à¤• रहें। शिशॠके सामने बात करें, गाना गाà¤à¤‚ और कहानियां पढ़कर सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
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